यूपी में जिला पंचायतों का कायाकल्प: अब प्राधिकरण देंगे नक्शों को मान्यता, आर्थिक रूप से सशक्त होंगे ग्रामीण निकाय

यूपी में जिला पंचायतों का कायाकल्प: अब प्राधिकरण देंगे नक्शों को मान्यता, आर्थिक रूप से सशक्त होंगे ग्रामीण निकाय

Transformation of District Panchayats in UP

Transformation of District Panchayats in UP

लखनऊ। Transformation of District Panchayats in UP, सरकार ने जिला पंचायतों को और उपयोगी, क्रियाशील और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की है। जिला पंचायतों द्वारा विकास क्षेत्र में पास नक्शों को प्राधिकरणों की मान्यता मिलेगी। इसके साथ ही विकास क्षेत्र में रजिस्ट्रियों से प्राप्त अतिरिक्त दो प्रतिशत स्टांप शुल्क में से जिला पंचायत को भी अब एक अंश दिया जाएगा।

जिला पंचायतों के अपर मुख्य अधिकारी भी विकास प्राधिकरण बोर्ड और अवस्थापना निधि बोर्ड में शामिल होंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वय बना रहे।

शहरीकरण तेजी के साथ हो रहा है, जिससे प्राधिकरणों का कार्यक्षेत्र बढ़ रहा है। इससे कई तरह के विवाद तो सामने आ ही रहे हैं, अधिकारों को लेकर भी रस्साकसी है।

लखनऊ में ही जिला पंचायत के पास अब 477 गांव हैं, जबकि 177 गांव एलडीए के विस्तारित क्षेत्र में आ चुके हैं। इन गांवों में नक्शों को लेकर एलडीए और जिला पंचायत में विवाद बना रहता है।

कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्राधिकरणों और जिला पंचायतों के बीच मानचित्रों की स्वीकृति को लेकर आए दिन होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए रास्ता तलाशने के निर्देश दिए थे।

गत 23 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आवास विकास विभाग और नगर पंचायत विभाग के आलाधिकारियों के बीच बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी, जिनका जल्द ही अनुपालन कराया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, विकास क्षेत्र में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत नक्शों को लेकर चल रहा विवाद अब थम जाएगा और जिला पंचायत द्वारा स्वीकृत मानचित्रों को प्राधिकरण की मान्यता मिलेगी। जिला पंचायत स्वीकृत नक्शों को प्राधिकरणों को उपलब्ध कराएगा, जिसके बाद केवल 25 प्रतिशत भूउपयोग परिवर्तन शुल्क जमाकर पंजीकरण कर लिया जाएगा।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्राधिकरणों द्वारा लिए जा रहे अंबार शुल्क को जिला पंचायतों को दिया जाएगा और संपत्तियों के क्रय विक्रय के बाद निबंधन के समय लिए जाने वाले दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क में से भी एक अंश दिया जाएगा।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली अवस्थापना विकास निधि के लिए गठित समिति में जिपं के अपर मुख्य अधिकारी को सदस्य बनाया जाएगा। इसके अलावा अपर मुख्य अधिकारी को विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में भी शामिल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों पर चर्चा हो सके।